10. आडमान का विलेख
कम्पनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) के अर्थ के अन्दर एक कम्पनी द्वारा .................. को .................. में निष्पादित किया गया और ......................... में अपना रजिस्ट्रीकृत कार्यालय रखने वाला आडमान का विलेख (इसमें इसके पश्चात् “उधार ग्रहीता के रूप में निर्देशित किया गया जिस पद के, जब तक यह उसके संदर्भ के विषय के विरुद्ध न हो, अन्तर्गत उत्तरवर्तीगण एवम् समनुदेशितीगण आयेगें सम्मिलित होंगे) भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अधीन एक निगमित लोक कम्पनी .................. .................. के पक्ष में (इसमें इसके पश्चात् "उधारदाता' के रूप में निर्दिष्ट किया गया) यतः उधार ग्रहीता एवम उधारदाता (इसमें इसके पश्चात 'ऋण करार' के रूप में निर्दिष्ट किया गया) के बीच किया गया करार दिनांकित .................. द्वारा उधार दाता ने उधार ग्रहीता को ऋण देने एवम् एडवांस देने के लिए करार किया है और उधारग्रहीता ..................... रुपये की अधिकतम विस्तार की एक रकम ऋण करार में अन्तर्विष्ट की गयी शर्तों एवम निबन्धनों में पर ऋणदाता से उधार लेने का करार किया है (इसमें इसके पश्चात् ऋण के रूप में कहा गया)"
ऋण करार की एक शर्त पर है कि सभी ब्याज परिनिर्धारित नुकसानी, प्रतिबद्धता प्रभार, पूर्व संदाय पर या मोचन पर प्रीमियम, लागते, खर्च एवम् अन्य धन चाहे जो कुछ भी ऋण करार में अनुबन्धित हो, सृजित किये गये और/था सृजित किया जाने वाले पूर्व प्रभार के अध्यधीन रहते हुए वर्तमान एवम् भविष्य मशीनरी, मशीनरी स्पेटर्स यंत्रों तथा उपसाधनों को सम्मिलित कर (ऋण बही को छोड़कर या उनके सिवाय) सभी उधार ग्रहीता के जंगमों के अण्डमान के रूप में प्रथम प्रभार द्वारा अन्य बातों के साथ-साथ प्राप्त किया जायेगा।
(i) कच्ची सामग्री, अर्ध तैयार किये गये तथा तैयार किये गये माल, उपभोग करने योग्य स्टोर्स एवम ऐसे अन्य जंगमों के उधार ग्रहीता के स्टाक पर उधार ग्रहीता के बैंककारों के पक्ष में जिन पर कारबार के सामान्य अनुक्रम में कार्यरत पूंजी अपेक्षा के लिए उधार प्राप्त करने हेतु उधार दाता (इसमें इसके पश्चात् बैंककार का माल के रूप में निर्दिष्ट किया गया) द्वारा करार किया गया है।
उधार दाता ने इन सभी विलेखों को निष्पादित करने के लिए उधार ग्रहीता से अपेक्षा की है जिन पर उधार ग्रहीता ने इसमें इसके पश्चात् अभिव्यक्त की गयी रीति से करार किया है।
अब इसलिए ये सभी विलेख यह साक्षित करता है।
1. ऋण करार के अनुसरण में और ऋण करार में उपवर्णित निबन्धनों एवम् शर्तों के अध्यधीन रहते हुए तथा प्रयोजनार्थ उधार गृहीता उधार दे चुकने एवम् अग्रिम तौर पर दे चुकने और / या ऋण उधार देने और अग्रिम तौर पर ऋण देने चुकने के लिए करार कर चुकने पर उधारदाता के प्रतिफल में तथा परिसरों के प्रतिफल में, उधार ग्रहीता, उधार दाता के साथ एतद्द्वारा प्रसंविदा करता है कि वह उधारदाता को ऋण का प्रतिसंदाय कर देगा और ऋण करार में यथा अनुबन्धित एवम् उपवर्णित रीति से ब्याज प्रतिबद्धता प्रभार परिनिर्धारित नुकसानी, पूर्व भुगतान या मोचन पर प्रीमियम खर्चे, प्रभारों एवम खर्चे एवम् अन्य सभी धनराशियों का संदाय करेगा और ऋण करार के सभी निबन्धनों एवम शर्तों का प्रेक्षण एवम् अनुपालन करेगा।
2. ऋण करार के अनुसरण में और उपर्युक्त प्रतिफल के लिए वर्तमान एवम् भविष्य दोनों इसकी जंगम संयंत्र और मशीनरी के पूर्जे एवम उपसाधनों तथा अन्य जंगम वस्तुओं को सम्मिलितकर उधार ग्रहीता की संपूर्ण जंगम सम्पत्तियाँ (ऋण बही के सिवाय) चाहे लगाये गये हो या न हो और चाहे इस समय खुले पड़े हो या मामलों में हो या न हो या जो इस समय पड़े हुए है या भण्डारण किया गया हो या इन सभी विलेखो की निरंतरता के दौरान सयम-समय पर इसके पश्चात् सभी स्थित उधार ग्रहीता के कारखानो परिसरों एवम् गोदामों में भण्डारण किया जायेगा या उनमें होगा या उनके बारे में या जहाँ कहीं अन्य हो वही आदेश या उधारदाता के व्ययन के किसी पक्षकार द्वारा हो सकेगा या अभिनिर्धारित किया जा सकेगा या अभिवहन के अनुक्रम में या ऊँचे समुद्र पर या आदेश या परिदान पर (इसमें इसके पश्चात् "कथित माल" के रूप में सामूहिक तौर पर निर्दिष्ट किया गया) जिसकी संक्षिप्त विशिष्टियाँ इसकी अनुसूची में दी जाती है, प्रतिभूति के रूप में उधारदाता के प्रथम प्रभार के रूप में एतद् द्वारा आडमान किया जाता है और ऋण करार एवम इस विलेख के अधीन उधारदाता की परिसमापित नुकसानियाँ, पूर्व संदाय पर प्राइमा या मोचन खर्चों, प्रभारों, एवम् खर्चे तथा देय अन्य सभी धनों में सभी हित, प्रतिबद्धता प्रभारों को सम्मिलित कर ऋण के पुनःसंदाय तथा अन्य धनों के संदाय के लिए प्रतिभूति के लिए उधारदाता के प्रथम प्रभार के रूप में तथा प्रभारित किया जाय परंतु यह तब जबकि बैंकार के मालपर इसके बैंकार के पक्ष में उधार ग्रहीता द्वारा सृजित किये गये प्रभारों और। या सृजित किया जाने वाले प्रभारों को इसकी कार्यरत पूंजी अपेक्षाओं के लिए उधार ग्रहीता के कारबार के साधारण अनुक्रम में उधार प्राप्त करना।
3. ऋण करार के अग्रिम अनुसरण में तथा उपर्युक्त प्रतिफल के लिए, उधार ग्रहीता निम्नलिखित रूप में उधारदाता के साथ एतद्वारा अग्रिम करार करता है, घोषणा करता है और प्रसंविदा करता है।
- उधार ग्रहीता इसके खर्च पर कथित माल को विपण्य एवम् अच्छी दशा में रखता है और चोरी. आग, प्रकाश, भूकम्प, विस्फोट, दंगा, हड़ताल सिविल अशान्ति. तफान आँधी. बाढ, नौं सेना जोखिम परिनिर्धारण जोखिम, युद्ध जोखिम, और इस प्रकार अन्य जोखिम द्वारा किसी हानि या नुकसानी के विरुद्ध ऋण करार में यथा उपबन्धित उधार ग्रहीता उधारदाता तथा ...................... के संयुक्त नामों से उसका बीमा करवायेगा। जैसे उधारदाता बीमा कम्पनी या कम्पनियों के रूप में समय-समय पर अपेक्षा करे। उधार ग्रहीता उधार दाता को सम्यकरूप से समन्देशित की गयी बीमा की सुसंगत पालिसियाँ उधारदाता को परिदान करेगा और इस विलेख की प्रतिभूति की संपूर्ण निरंतरता को बनाये रखेगा और उसके लिए उधार दाता को नवीनीकरण रसीदों का परिदान करेगा और सम्यक रूप से एवम नियमित तौर पर संपूर्ण प्रीमियम का संदाय करेगा और कोई भी कार्य नहीं करेगा या किया जाने से ग्रस्त नहीं होगा या करने या करवाने का लोप नहीं करेगा जो ऐसी बीमा को अवैधानिक बना दे या उसकी उपेक्षा करें। व्यतिक्रम में, उधारदाता (लेकिन वैसा करने के लिए आबद्ध नहीं होगा) कथित माल को अच्छी दशा में रख सकेगा और विपण्य बना सकेगा और ऐसी बीमा को/का ग्रहण कर सकेगा/नवीनीकरण करवा सकेगा। उधारदाता द्वारा संदाय किया गया कोई प्रीमियम तथा उधारदाता द्वारा उपगत किया गया किसी भी खर्च, प्रभार एवम् व्यय उधारदाता से माँग की एक नोटिस की प्राप्ति पर संदाय की तारीख से ऋण करार की तारीख पर ऋण हेतु लागू दर पर उस पर ब्याज के साथ में प्रतिपूर्ति की जायेगी और जब तक उसकी उधार ग्रहीता उसी उधार ग्रहीता द्वारा ऐसी प्रतिपर्ति का विकलन उधारग्रहीता के ऋण खाते में नहीं कर दिया जायेगा और कथित माल पर एक प्रभार नहीं होगा।
- उधारदाता के नाम निर्देशितीगण किसी नोटिस के बिना तथा उधारग्रहीता के जोखिम एवम् खर्च पर वहाँ हर समय किसी भी स्थान पर प्रवेश करने जहाँ कथित माल हो और संपूर्ण कथित माल या उसके किसी भाग के व्ययन का निरीक्षण करने, मूल्यांकन करने, बीमा करने, अधीक्षण करने तथा उसकी विशिष्टियाँ लेने तथा किसी कथन, लेखा, रिपोर्ट एवम् सूचना का निरीक्षण करने का हकदार होगा।
- इसके अधीन इसकी बाध्यताओं या ऋण करार में अनुबन्धित निबन्धनो, प्रसंविदाओं, बाध्यताओं एवम शर्तों या सम्बन्धित प्रतिभूति दस्तावेजों या निष्पादित किये गये विलेखों के या उसके जिनका इसके पश्चात् उधारदाता के पक्ष में उधार ग्रहण कर्ता द्वारा निष्पादन किया जा सकेगा, के अनुपालन में उधार ग्रहणकर्ता द्वारा किसी भंग या व्यतिक्रम की दशा में या ऋण के या तो ब्याज या किसी किस्त का संदाय करने में असफल होने वाले उधार ग्रहणकर्ता की दशा में या चाहे जो कुछ भी हो किसी भी कारण वश उधारदाता के पक्ष में सृजित किये गये प्रभार या प्रतिभूति के प्रवर्तनीय हो जाने की दशा में या इसके नाम निर्देशितीगण ऐसे भंग या व्यतिक्रम की दशा में, ऐसे भंग या व्यतिक्रम या ऐसे विस्तारित किये गये समय की उधारदाता द्वारा सूचना की तारीख से पन्द्रह दिनों की एक कालावधि के अन्दर उधारदाता द्वारा नहीं उपचार दिया जाता है जिसको लिखित तौर पर किसी नोटिस के बिना और किसी कारण को समनुदेशित किये बिना और उधार ग्रहणकर्ता की जोखिम और खर्च पर मंजूर किया जा सकेगा यदि आवश्यक हो तो जैसे उधार ग्रहणकर्ता के लिए और उसके नाम से उनका अभिग्रहण ग्रहण वसूली करेगा, उनको हटायेगा और / या, लोक नीलामी या प्राइवेट संविदा से विक्रय करेगा। वसूली के लिए प्रेषित करेगा या सुपुर्द करेगा या, अन्यथा कथित संपूर्ण माल या उसके किसी भाग का अन्यथा व्ययन करेगा या निपटारा करेगा और इन सभी शक्तियों में से किसी का भी प्रयोग करने के लिए आबद्ध किये बिना उससे सम्बन्धित दावों के किन्हीं भी अधिकारों को प्रवृत्त करने के लिए वसूलने के लिए नियत करने के लिए, उन पर समझौता करने के लिए या उनके साथ संव्यवहार करने के लिए या उसके प्रयोग या अनुप्रयोग में किसी भी हानि के लिए और उधारदाता के अधिकारों वाद के उपचारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना या अन्यथा उत्तरदायी होगा। किसी लम्बित वाद या अन्य कार्यवाही के होते हुए, उधारदाता कथित माल को माँग पर उधारदाता के नाम निर्देशितियों का तत्काल कब्जा देने एवम अंतरित करने के लिए तथा सम्बन्धित विलों, संविदाओं, प्रतिभूतियों तथा दस्तावेजों का उधार दाता को परिदान का वचनबद्ध देता है और उधारग्रहणकर्ता वसूली गयी धन राशियाँ एवम सापेक्ष खर्चों के पर्याप्त सबुत के रूप में विक्रय एवम् वसूलियों के उधारदाता के द्वारा मांग तदद्वारा प्रदर्शित किसी भी कमी या अपर्याप्तता की उधार दाता द्वारा मांग पर संदाय करने के लिए एतदद्वारा करार किया। परंतु किसी प्रकार की उधारदाता किसी हानि. नकसानी या अवक्षयण के लिए किसी भी रूप में दायी या उत्तरदायी नहीं होगा कि कथित माल इस प्रकार चाहे जो कुछ भी हो, किसी भी लेखे पर का नुकसान हो जबकि उसी पर उधार दाता का कब्जा है या यथापरोक्त उधार द्वारा को उपलब्ध अधिकारों एवम् उपचारों के प्रयोग या उन प्रयोग के आधार पर और ऐसी संपूर्ण हानि नुकसानी या अवक्षयण कैसे भी वह कारित किया गया हो, उधार ग्रहणकर्ता के खाते में पूर्णतया विकलन कर दिया जायेगा।
- उधारदाता, एतद्वारा सृजित की गयी, प्रतिभूति के पश्चात् किसी भी समय पर प्रवर्तनीय हो गया है और चाहे हो या न हो उधारदाता का तब कब्जा हो जायेगा या उसका कब्जा ग्रहण करेगा और इसके अलावा, ऐसी प्रविष्ट या कब्जा ग्रहण करने के पश्चात् उधारदाता को इसमें इसके पूर्व प्रदत्त की शक्तियों से कथित माल का या उसके भाग का एक प्रापक या प्रापको को नियुक्त करवा सकेगा।
निम्नलिखित उपबन्ध ऐसे प्रापक पर लागू होंगे :
- जब तक उधारदाता द्वारा अन्यथा निर्देश नहीं दिया जाता तब तक ऐसा प्रापक उधारदाता में निहित की गयी सभी शक्तियों एवम् प्राधिकारों को रखेगा और उनका प्रयोग करेगा:
- ऐसा प्रापक उसकी शक्तियों, प्राधिकारों एवम् निर्देशों के प्रयोग में उधारदाता द्वारा समय समय पर किये गये और दिये गये विनियमनों तथा निर्देशों का आदेश मानेगा।
- उधारदाता, समय-समय पर ऐसे प्रापक की पारिश्रमिक नियत कर सकेगा और कथित माल में से उसका संदाय करने का निर्देश दे सकेगा लेकिन उधार ग्रहणकर्ता एकमात्र ऐसी पारिश्रमिक के संदाय के लिए उत्तरदायी होगा।
- उधारदाता समय-समय पर और किसी भी समय ऐसे रूप में उसके कर्तब्यों के सम्यक् अनुपालन के लिए प्रतिभूति देने की इस प्रकार के प्रापक से अपेक्षा कर सकेगा और उधारदाता को दी जाने वाली प्रतिभूति की रकम प्रकृति एवम् मात्रा को नियत कर सकेगा और लेकिन उधारदाता को किसी भी मामले में ऐसी प्रतिभूति की अपेक्षा करने के लिए आबद्ध नहीं किया जायेगा।
- उधारदाता इस आशय की प्रतिभूतियों का गठन करने वाली किसी भी धन को ऐसे प्रापक को चुकता करेगा जिसका ऐसे प्रापक द्वारा उसके प्रयोजनार्थ उपयोजन किया जा सकेगा और उधारदाता समय-समय पर यह अवधारित कर सकेगा कि प्रापक को किस निधि प्रापक ऐसे रूप में उसके कर्तव्यों के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्रता होगी।
- प्रत्येक ऐसा प्रापक सभी प्रयोजनार्थ उधार ग्रहीता का अभिकर्ता होगा और एकमात्र उधारदाता उसके कार्यों एवम् व्यतिक्रम, हानि या अवचार के लिए उत्तरदायी तथा उसके द्वारा प्रविष्ट की गयी किसी संविदा पर तथा उसकी पारश्रमिक के लिए उत्तरदायी होगा और उधारदाता ऐसे रूप उसकी नियुक्ति की सहमति देने को इसके आधार पर उसके लिए किसी दायित्व या उत्तरदायित्व को उपगत नहीं करेगा।
- संपूर्ण कथित माल और संपूर्ण विक्रय वसूलियाँ तथा उसकी बीमा आगमों एवम् इस प्रतिभूति के अन्दर सभी दस्तावेज सदैव विभेदकारी रखा जायेगा और इस प्रतिभूति को विशिष्ट तौर पर विनियोजित किये गये उधारदाता की अनन्य सम्पत्ति के रूप में अभिनिर्धारित किया जायेगा। और उधारदाता के निर्देशों के अधीन मात्र व्यवहृत किया जायेगा और उधारग्रहणकर्ता उधारदाता के पक्ष के सिवाय उसको ही या उसके किसी भाग पर किसी प्रभार, बन्धक, या अन्य विल्लगम का सृजन नहीं करेगा और न ही उसका या उसके किसी भाग को प्रभावित करने के लिए किसी ऐसे प्रभार, बन्धक, धारणाधिकार या अन्य विल्लगम का सृजन नहीं करेगा और न ही उसको या उसके किसी भाग को प्रभावित करने के लिए किसी ऐसे प्रभार, बंधक, धारणाधिकार या अन्य विल्लगम या किसी कुर्की या आपत्ति से ग्रस्त नहीं होगा और न ही उस किसी बात को करेगा या अनुज्ञात करेगा जो इस बात पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकेगा और उधार दाता सभी लागतो एवम् खर्चों को उपगत करने की स्वतंत्रता होगी जो इस प्रतिभूति का संरक्षण करने के लिए एवम न कम किये हुए बिना उसको बनाये रखने के लिए तथा उसके उपखड (i) में यथावर्णित प्रतिपूर्ति का दावा करने के लिए आवश्यक हो; परंतु यह तब जबकि उधारदाता विनिर्दिष्ट तौर पर अनुज्ञात किये गये विस्तार तक के सिवाय, कथित संपूर्ण माल या उसके किसी भाग का विक्रय नहीं करेगा। उधार ग्रहीता उधारदाता को किसी एवम् प्रत्येक ऐसे विक्रय पर संदाय नहीं करेगा, यदि इसके द्वारा वैसी अपेक्षा की जाय तो उसके ही जहाँ तक समाधान में विक्रय या व्ययन का नेट आगम उधारदाता को उधार ग्रहीता द्वारा देय एवम् संदेय धनों को विस्तारित करेगा परंतु यह तब जबकि उधारग्रहीता, उधारदाता को संदाय के बिना यदि उधारदाता वैसे करार करता है, तो समतुल्य बड़े मूल्य के द्वारा अप्रचलित यंत्र को प्रतिस्थापित कर सकेगा।
- उधार ग्रहीता जब कभी भी उधारदाता द्वारा अपेक्षा की जाय तब उधार ग्रहीता की सभी आस्तियों की तथा कथित माल की उधारदाता को संपूर्ण विशिष्टियाँ देगा और समय-समय पर सभी कथनों, रिपोर्टों, विवरणों, प्रमाणपत्रों एवम् सूचना देगा और उन्हें सत्यापित करेगा और वैसे जैसे उधारदाता द्वारा अपेक्षा की जाय तथा इस प्रतिभूति को प्रभाव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों को दे सकेगा और उनका निष्पादन कर सकेगा।
- यह प्रतिभूति ऋण करार तथा इन सभी विलेखों के अधीन उधारदाता को सभी अन्य धनों के मोचन, एवम् प्रतिसंदाय या संदाय पर सभी हित, प्रतिबद्धता प्रभारों, परिसमापित नुकसानियों, प्राइमा के साथ में ऋण के प्रतिसंदाय के लिए एक चाल रहने वाली प्रतिभूति होगी और (स्वेच्छया या अन्यथा) परिसमापन करके या किसी अन्य कम्पनी के साथ उधार ग्रहीता के किसी विलयन, प्राख्यापन, पुनः अर्थान्वयन या अन्यथा द्वारा उधार ग्रहीता के दायित्व को प्रभावित नहीं करेगा, क्षीण नहीं करेगा या उससे उन्मोचित नहीं करेगा या उधार ग्रहीता के वचनबन्ध के राष्ट्रीयकरण या प्रबन्ध को कार्यभार नहीं संभालेगा।
- उधार ग्रहीता एतदद्वारा यह घोषणा करता है कि कथित माल उधारग्रहीता के एकमात्र व्ययन पर उधारग्रहीता की हर समय पूर्ण सम्पत्ति हैं और होगी तथा उधारदाता की विनिर्दिष्ट अनुज्ञा से सृजित किये गये / और / या सृजित किये जाने वाले प्रभारों के अध्यधीन रहते हए किसी भी प्रभार, न्यास, गिरवी, धारणाधिकार, दावा या विल्लगम से स्वतंत्र होगा और भविष्यगामी माल के बारे में एतादृश्य उसी पर निपटारा करने की संपूर्ण शक्ति के सहित उधार-ग्रहीता की आत्यंतिक एवम व्ययन करने योग्य सम्पत्ति एतादृश्य नहीं विल्लंगम किया जायेगा। परन्तु यह तब जबकि उधार ग्रहीता कारबार के साधारण अनुक्रम में बैंकार के माल का विक्रय करने या व्ययन करने के लिए सदैव हकदार होगा और एतद् द्वारा सृजित किये गये प्रभार पर पर्वर्विकता में रैंक के बैंककारों के पक्ष में प्रथम भार के रूप में के पक्ष में ऐसे प्रभार (प्रभारों) इसके बैंककारों के पक्ष में प्रथम प्रभार के रूप में बैंककारों के माल का आडमान करने का भी।
- उधार ग्रहीता एतदद्वारा इसके एटार्नी के रूप में उधारदाता की नियक्त करता है और उसको करने के लिए उधारदाता के लिए एवम उसके नाम से कार्य करने के लिए उधारदाता को प्राधिकृत करता है जो कुछ भी उधारदाता से इन सभी विलेखों के अधीन कार्य करने की अपेक्षा की जा सकेगी और साधारण तौर पर उधारदाता को सौंपी गयी इन सभी विलेखों द्वारा संपूर्ण शक्तियों या उनमें से किसी के भी प्रयोग में उधार ग्रहण कर्ता के नाम का प्रयोग करने के लिए तथा उधार ग्रहीता उस खर्चे को वहन करेगा जो इस निमित्त उपगत किया जा सकेगा।
- इसमें कोई भी बात उधारदाता को उधार ग्रहीता की किसी भी ऋणिता या दायित्व के लिए किसी वर्तमान या भविष्यगामी प्रतिभूति गारंटियां, बाध्यता या डिक्री की बाबत उधारदाता के अधिकार या उपचारों पर कोई भी प्रतिकूल नहीं डालेगी।
- इसमें अन्तर्विष्ट. उपबन्ध समय-समय पर यथा संशोधित ऋण के करार के उपबंधों के संगत पढ़ें जायेगें और किसी असंगति या विरोध के विस्तार तक पश्चात् कथित सभी आशयों एवम् प्रयोजनों पर अभिभावी होगा।
अनुसूची
(जंगम सम्पत्तियों की संक्षिप्त विशिष्टियाँ)
जिसके साक्ष्य में उधार ग्रहीता ने प्रथम ऊपर लिखित दिन, महीना एवम् वर्ष पर इसकी सामान्यता इस पर लगायी है।
साक्षीगण उधार ग्रहीता
1. ..................
2. .................. उधारदाता